दिल्ली सरकार ने Delhi EV Policy 2026 के जरिए इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। प्रस्तावित नीति का लक्ष्य है कि अगले वर्ष तक दिल्ली में होने वाले नए वाहन पंजीकरण (New Vehicle Registrations) में 95 प्रतिशत हिस्सेदारी इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) की हो। यदि यह नीति लागू होती है, तो आने वाले वर्षों में राजधानी के ऑटोमोबाइल बाजार में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। नई नीति में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए आकर्षक सब्सिडी, टैक्स छूट, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार और पेट्रोल, डीजल व CNG वाहनों के नए रजिस्ट्रेशन पर चरणबद्ध रोक जैसे कई अहम प्रस्ताव शामिल किए गए हैं। आइए जानते है विस्तार से।
Delhi EV Policy 2026 का मुख्य उद्देश्य
Delhi EV Policy 2026 दिल्ली लंबे समय से वायु प्रदूषण की गंभीर समस्या का सामना कर रही है। इसी चुनौती से निपटने के लिए सरकार ने नई EV नीति का मसौदा तैयार किया है। इसका उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपनाना, प्रदूषण कम करना, ईंधन पर निर्भरता घटाना और एक मजबूत इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इकोसिस्टम तैयार करना है। यदि यह नीति अपने मौजूदा स्वरूप में लागू होती है, तो दिल्ली देश के सबसे बड़े इलेक्ट्रिक वाहन बाजारों में शामिल हो सकती है।
Delhi EV Policy 2026: किन वाहनों पर कब से लागू होंगे नए नियम?
नई नीति के अनुसार सबसे बड़ा बदलाव ऑटो रिक्शा और दोपहिया वाहनों के क्षेत्र में देखने को मिलेगा। जनवरी 2027 से नए CNG ऑटो रिक्शा के रजिस्ट्रेशन बंद करने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके अलावा मौजूदा डीजल और CNG ऑटो परमिट भी चरणबद्ध तरीके से समाप्त किए जाएंगे। इसके बाद अप्रैल 2028 से नए पेट्रोल, डीजल और CNG से चलने वाले दोपहिया वाहनों के रजिस्ट्रेशन पर रोक लगाने का प्रस्ताव है। यानी उस समय के बाद नए टू-व्हीलर खरीदने वालों के लिए इलेक्ट्रिक मॉडल ही प्रमुख विकल्प रह सकते हैं।
इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर कितनी मिलेगी सब्सिडी?

Delhi EV Policy 2026 नई EV नीति में अलग-अलग वाहन श्रेणियों के लिए वित्तीय प्रोत्साहन (Incentives) का प्रस्ताव रखा गया है। इससे इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने की लागत कम हो सकती है।
सब्सिडी का संक्षिप्त विवरण
| वाहन श्रेणी | प्रस्तावित प्रोत्साहन |
|---|---|
| इलेक्ट्रिक कार | ₹10,000 प्रति kWh (अधिकतम ₹1 लाख) |
| इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर | ₹5,000 प्रति kWh (अधिकतम ₹30,000) |
| इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर | ₹10,000 प्रति kWh (अधिकतम ₹45,000) |
| पुराने ICE वाहन स्क्रैप करने पर | श्रेणी के अनुसार अधिकतम ₹1 लाख तक |
रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस से भी मिलेगी राहत
सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क पूरी तरह माफ करने का भी प्रस्ताव रखा है। इससे EV की ऑन-रोड कीमत और कम हो सकती है, जिससे ग्राहकों के लिए इलेक्ट्रिक वाहन खरीदना पहले की तुलना में अधिक किफायती बन सकता है।
Delhi EV Policy 2026 चार्जिंग नेटवर्क को मिलेगा बड़ा विस्तार
केवल वाहन खरीदने पर ही नहीं, बल्कि चार्जिंग सुविधा बढ़ाने पर भी सरकार का विशेष फोकस है। प्रस्ताव के अनुसार दिल्ली में अधिक सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन, फास्ट चार्जिंग कॉरिडोर और बैटरी स्वैपिंग स्टेशन विकसित किए जाएंगे। साथ ही नए आवासीय और व्यावसायिक प्रोजेक्ट्स में भी EV चार्जिंग सुविधाओं को बढ़ावा देने की योजना बनाई गई है, ताकि भविष्य में बढ़ती EV संख्या को आसानी से संभाला जा सके।
सरकारी विभाग भी अपनाएंगे इलेक्ट्रिक वाहन
नीति के तहत सरकारी विभागों और सार्वजनिक एजेंसियों के वाहन बेड़े (Fleet) में भी धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक वाहनों को शामिल करने की योजना है। इसके अलावा बैटरी कलेक्शन, रीसाइक्लिंग और एंड-ऑफ-लाइफ मैनेजमेंट पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा ताकि इलेक्ट्रिक वाहन इकोसिस्टम अधिक टिकाऊ बन सके।
निवेश और रोजगार को भी मिलेगा बढ़ावा

दिल्ली सरकार का अनुमान है कि इस नीति के लागू होने पर लगभग ₹15,000 करोड़ का निवेश आकर्षित हो सकता है। इससे चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, बैटरी निर्माण, रीसाइक्लिंग, बैटरी सेवाओं और इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग से जुड़े कई क्षेत्रों में नए रोजगार और व्यापारिक अवसर पैदा हो सकते हैं।
Delhi EV Policy 2026: संक्षिप्त जानकारी
| विषय | विवरण |
| नीति का नाम | Delhi EV Policy 2026 |
| EV लक्ष्य | नए वाहन रजिस्ट्रेशन में 95% EV हिस्सेदारी |
| CNG ऑटो रजिस्ट्रेशन | जनवरी 2027 से बंद करने का प्रस्ताव |
| पेट्रोल/डीजल/CNG टू-व्हीलर | अप्रैल 2028 से नए रजिस्ट्रेशन रोकने का प्रस्ताव |
| EV कार सब्सिडी | अधिकतम ₹1 लाख |
| EV टू-व्हीलर सब्सिडी | अधिकतम ₹30,000 |
| EV थ्री-व्हीलर सब्सिडी | अधिकतम ₹45,000 |
| स्क्रैपेज लाभ | अधिकतम ₹1 लाख तक |
| रोड टैक्स | पूरी तरह माफ करने का प्रस्ताव |
| अनुमानित निवेश | लगभग ₹15,000 करोड़ |
Delhi EV Policy 2026 दिल्ली के परिवहन क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकती है। यदि यह नीति लागू होती है, तो इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में तेज़ बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। सब्सिडी, टैक्स छूट, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और स्क्रैपेज इंसेंटिव जैसे प्रस्ताव ग्राहकों को EV अपनाने के लिए प्रोत्साहित करेंगे। साथ ही यह नीति प्रदूषण कम करने और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी उद्योग में निवेश बढ़ाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
FAQ
1. Delhi EV Policy 2026 का मुख्य लक्ष्य क्या है?
इस नीति का लक्ष्य दिल्ली में नए वाहन रजिस्ट्रेशन में 95 प्रतिशत तक इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी हासिल करना है।
2. क्या पेट्रोल और डीजल बाइक पर पूरी तरह प्रतिबंध लगेगा?
प्रस्ताव के अनुसार अप्रैल 2028 से नई पेट्रोल, डीजल और CNG दोपहिया वाहनों के रजिस्ट्रेशन बंद किए जा सकते हैं। हालांकि यह नीति लागू होने के बाद ही अंतिम रूप से प्रभावी होगी।
3. इलेक्ट्रिक कार खरीदने पर कितनी सब्सिडी मिलेगी?
प्रस्ताव के अनुसार इलेक्ट्रिक कार पर ₹10,000 प्रति kWh की दर से अधिकतम ₹1 लाख तक की सब्सिडी मिल सकती है।
4. क्या रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस भी माफ होगी?
हाँ, प्रस्तावित नीति में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क पूरी तरह माफ करने का प्रावधान रखा गया है।
5. क्या पुराने वाहन बदलने पर अतिरिक्त लाभ मिलेगा?
हाँ, पुराने पेट्रोल, डीजल या CNG वाहन को स्क्रैप कर इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर वाहन श्रेणी के अनुसार अधिकतम ₹1 लाख तक का प्रोत्साहन मिल सकता है।










