22 जुलाई की रात राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर और संसद मार्ग इलाके में Parliament Street Violence की घटना ने अचानक पूरे क्षेत्र का माहौल बदल दिया। प्रदर्शन के दौरान हालात उस समय बिगड़ गए जब कुछ प्रदर्शनकारी उग्र हो गए और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। इसके बाद पुलिस और सुरक्षा बलों ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। घटना के बाद पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया और इंटरनेट सेवाएं भी अस्थायी रूप से बंद कर दी गईं।
यह घटना ऐसे समय में हुई जब राजधानी में पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था कड़ी थी। प्रशासन ने हालात को नियंत्रित करने के लिए कई एहतियाती कदम उठाए, जिससे देर रात तक संसद मार्ग और आसपास का इलाका सुरक्षा घेरे में रहा।
Parliament Street Violence क्या है?
Parliament Street Violence से तात्पर्य 22 जुलाई की रात दिल्ली के संसद मार्ग और Jantar Mantar Protest के आसपास हुई हिंसक झड़प से है। प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों द्वारा पुलिस पर पथराव किए जाने के बाद हालात बिगड़ने लगे। इसके जवाब में पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस और बल प्रयोग का सहारा लिया। इस दौरान कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए।
संसद मार्ग पर कैसे बिगड़े हालात?

मंगलवार रात जंतर-मंतर के पास प्रदर्शन चल रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पार्क होटल के पास मौजूद कुछ प्रदर्शनकारी अचानक उग्र हो गए और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। देखते ही देखते कनॉट प्लेस की ओर जाने वाले मार्गों पर भी तनाव फैल गया। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि कुछ जगहों पर पुलिसकर्मियों को पीछे हटना पड़ा। इसके बाद अतिरिक्त पुलिस बल और पैरामिलिट्री जवानों को मौके पर बुलाया गया।
वॉलंटियर्स ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की
हालात बिगड़ते देख पुलिस ने प्रदर्शन से जुड़े वॉलंटियर्स की मदद ली। लाउडस्पीकर लगी पुलिस बस के माध्यम से लगातार लोगों से शांत रहने की अपील की गई। वॉलंटियर्स ने प्रदर्शनकारियों से कहा कि हिंसा और पथराव से पूरे आंदोलन की छवि खराब होगी और इससे उनकी मांगों पर भी असर पड़ सकता है। कुछ समय बाद कई प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठ गए और स्थिति को शांत करने की कोशिश की गई।
पुलिस ने आंसू गैस और लाठीचार्ज का सहारा लिया

जब भीड़ पर नियंत्रण मुश्किल होने लगा तो पुलिस और पैरामिलिट्री जवानों ने कार्रवाई शुरू की। भीड़ को पीछे हटाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए और सीमित लाठीचार्ज किया गया। इस दौरान पुलिस के कई अधिकारी घायल हुए। उपलब्ध जानकारी के अनुसार दो एसीपी, एक इंस्पेक्टर, एक हेड कॉन्स्टेबल और एक कॉन्स्टेबल सहित कुल पांच पुलिसकर्मी चोटिल हुए।
पूरे इलाके में बढ़ाई गई सुरक्षा
घटना के बाद संसद मार्ग, जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई। दंगा-रोधी वाहन तैनात किए गए तथा संसद मार्ग की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेड्स लगा दिए गए। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की।
मध्य दिल्ली में इंटरनेट सेवा अस्थायी रूप से बंद
हिंसा के बाद अफवाहों को रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से प्रशासन ने जंतर-मंतर और आसपास के मध्य दिल्ली के कुछ क्षेत्रों में इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित कर दीं। कई मोबाइल उपयोगकर्ताओं को इंटरनेट सेवा बंद होने का संदेश मिला। सुरक्षा एजेंसियां पूरे क्षेत्र की लगातार निगरानी करती रहीं।
| विषय | जानकारी |
|---|---|
| मुख्य घटना | Parliament Street Violence |
| तारीख | 22 जुलाई |
| स्थान | संसद मार्ग, जंतर-मंतर, नई दिल्ली |
| कारण | प्रदर्शन के दौरान हिंसा और पथराव |
| पुलिस कार्रवाई | आंसू गैस, लाठीचार्ज और अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात |
| घायल पुलिसकर्मी | 5 (2 ACP, 1 इंस्पेक्टर, 1 हेड कॉन्स्टेबल, 1 कॉन्स्टेबल) |
| सुरक्षा व्यवस्था | बैरिकेडिंग, दंगा-रोधी वाहन और भारी पुलिस बल |
| इंटरनेट सेवा | मध्य दिल्ली के कुछ इलाकों में अस्थायी रूप से बंद |
Parliament Street Violence की घटना ने राजधानी दिल्ली की कानून-व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सुरक्षा एजेंसियों की चुनौती बढ़ा दी। हिंसा के बाद प्रशासन ने तेजी से कार्रवाई करते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया, इंटरनेट सेवाओं पर अस्थायी रोक लगाई और प्रभावित क्षेत्रों की सुरक्षा बढ़ा दी। फिलहाल हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और अधिकारियों का प्रयास है कि स्थिति पूरी तरह सामान्य बनी रहे।
FAQ
Parliament Street Violence कब हुई?
यह घटना 22 जुलाई की रात दिल्ली के संसद मार्ग और जंतर-मंतर क्षेत्र में हुई।
हिंसा किस स्थान पर हुई?
हिंसा संसद मार्ग, पार्क होटल के पास और जंतर-मंतर से जुड़े इलाकों में हुई।
पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए क्या किया?
पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े, सीमित लाठीचार्ज किया, अतिरिक्त सुरक्षा बल बुलाए और पूरे क्षेत्र की बैरिकेडिंग कर दी।
इस घटना में कितने पुलिसकर्मी घायल हुए?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार कुल पांच पुलिसकर्मी घायल हुए, जिनमें दो एसीपी, एक इंस्पेक्टर, एक हेड कॉन्स्टेबल और एक कॉन्स्टेबल शामिल हैं।
क्या इंटरनेट सेवा बंद की गई थी?
हाँ। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अफवाहों को रोकने के लिए मध्य दिल्ली के कुछ इलाकों में इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित की गईं।












