Parliament Street Violence: संसद मार्ग पर भड़की हिंसा, पुलिस पर पथराव के बाद आंसू गैस और लाठीचार्ज

On: July 23, 2026 10:20 AM
Parliament Street Violence

22 जुलाई की रात राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर और संसद मार्ग इलाके में Parliament Street Violence की घटना ने अचानक पूरे क्षेत्र का माहौल बदल दिया। प्रदर्शन के दौरान हालात उस समय बिगड़ गए जब कुछ प्रदर्शनकारी उग्र हो गए और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। इसके बाद पुलिस और सुरक्षा बलों ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। घटना के बाद पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया और इंटरनेट सेवाएं भी अस्थायी रूप से बंद कर दी गईं।

यह घटना ऐसे समय में हुई जब राजधानी में पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था कड़ी थी। प्रशासन ने हालात को नियंत्रित करने के लिए कई एहतियाती कदम उठाए, जिससे देर रात तक संसद मार्ग और आसपास का इलाका सुरक्षा घेरे में रहा।

Parliament Street Violence क्या है?

Parliament Street Violence से तात्पर्य 22 जुलाई की रात दिल्ली के संसद मार्ग और Jantar Mantar Protest के आसपास हुई हिंसक झड़प से है। प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों द्वारा पुलिस पर पथराव किए जाने के बाद हालात बिगड़ने लगे। इसके जवाब में पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस और बल प्रयोग का सहारा लिया। इस दौरान कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए।

संसद मार्ग पर कैसे बिगड़े हालात?

Parliament Street Violence
Parliament Street Violence

मंगलवार रात जंतर-मंतर के पास प्रदर्शन चल रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पार्क होटल के पास मौजूद कुछ प्रदर्शनकारी अचानक उग्र हो गए और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। देखते ही देखते कनॉट प्लेस की ओर जाने वाले मार्गों पर भी तनाव फैल गया। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि कुछ जगहों पर पुलिसकर्मियों को पीछे हटना पड़ा। इसके बाद अतिरिक्त पुलिस बल और पैरामिलिट्री जवानों को मौके पर बुलाया गया।

वॉलंटियर्स ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की

हालात बिगड़ते देख पुलिस ने प्रदर्शन से जुड़े वॉलंटियर्स की मदद ली। लाउडस्पीकर लगी पुलिस बस के माध्यम से लगातार लोगों से शांत रहने की अपील की गई। वॉलंटियर्स ने प्रदर्शनकारियों से कहा कि हिंसा और पथराव से पूरे आंदोलन की छवि खराब होगी और इससे उनकी मांगों पर भी असर पड़ सकता है। कुछ समय बाद कई प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठ गए और स्थिति को शांत करने की कोशिश की गई।

पुलिस ने आंसू गैस और लाठीचार्ज का सहारा लिया

Parliament Street Violence
Parliament Street Violence

जब भीड़ पर नियंत्रण मुश्किल होने लगा तो पुलिस और पैरामिलिट्री जवानों ने कार्रवाई शुरू की। भीड़ को पीछे हटाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए और सीमित लाठीचार्ज किया गया। इस दौरान पुलिस के कई अधिकारी घायल हुए। उपलब्ध जानकारी के अनुसार दो एसीपी, एक इंस्पेक्टर, एक हेड कॉन्स्टेबल और एक कॉन्स्टेबल सहित कुल पांच पुलिसकर्मी चोटिल हुए।

पूरे इलाके में बढ़ाई गई सुरक्षा

घटना के बाद संसद मार्ग, जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई। दंगा-रोधी वाहन तैनात किए गए तथा संसद मार्ग की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेड्स लगा दिए गए। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की।

मध्य दिल्ली में इंटरनेट सेवा अस्थायी रूप से बंद

हिंसा के बाद अफवाहों को रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से प्रशासन ने जंतर-मंतर और आसपास के मध्य दिल्ली के कुछ क्षेत्रों में इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित कर दीं। कई मोबाइल उपयोगकर्ताओं को इंटरनेट सेवा बंद होने का संदेश मिला। सुरक्षा एजेंसियां पूरे क्षेत्र की लगातार निगरानी करती रहीं।

विषयजानकारी
मुख्य घटनाParliament Street Violence
तारीख22 जुलाई
स्थानसंसद मार्ग, जंतर-मंतर, नई दिल्ली
कारणप्रदर्शन के दौरान हिंसा और पथराव
पुलिस कार्रवाईआंसू गैस, लाठीचार्ज और अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात
घायल पुलिसकर्मी5 (2 ACP, 1 इंस्पेक्टर, 1 हेड कॉन्स्टेबल, 1 कॉन्स्टेबल)
सुरक्षा व्यवस्थाबैरिकेडिंग, दंगा-रोधी वाहन और भारी पुलिस बल
इंटरनेट सेवामध्य दिल्ली के कुछ इलाकों में अस्थायी रूप से बंद

Parliament Street Violence की घटना ने राजधानी दिल्ली की कानून-व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सुरक्षा एजेंसियों की चुनौती बढ़ा दी। हिंसा के बाद प्रशासन ने तेजी से कार्रवाई करते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया, इंटरनेट सेवाओं पर अस्थायी रोक लगाई और प्रभावित क्षेत्रों की सुरक्षा बढ़ा दी। फिलहाल हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और अधिकारियों का प्रयास है कि स्थिति पूरी तरह सामान्य बनी रहे।

FAQ

Parliament Street Violence कब हुई?

यह घटना 22 जुलाई की रात दिल्ली के संसद मार्ग और जंतर-मंतर क्षेत्र में हुई।

हिंसा किस स्थान पर हुई?

हिंसा संसद मार्ग, पार्क होटल के पास और जंतर-मंतर से जुड़े इलाकों में हुई।

पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए क्या किया?

पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े, सीमित लाठीचार्ज किया, अतिरिक्त सुरक्षा बल बुलाए और पूरे क्षेत्र की बैरिकेडिंग कर दी।

इस घटना में कितने पुलिसकर्मी घायल हुए?

उपलब्ध जानकारी के अनुसार कुल पांच पुलिसकर्मी घायल हुए, जिनमें दो एसीपी, एक इंस्पेक्टर, एक हेड कॉन्स्टेबल और एक कॉन्स्टेबल शामिल हैं।

क्या इंटरनेट सेवा बंद की गई थी?

हाँ। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अफवाहों को रोकने के लिए मध्य दिल्ली के कुछ इलाकों में इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित की गईं।

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Deepak Patel

मेरा नाम दीपक पटेल है और मैं एक डिजिटल कंटेंट राइटर एवं न्यूज़ लेखक हूँ। मैं Taaza Bharat के लिए टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर लेखन करता हूँ। मुझे विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी ताज़ा जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-हितैषी भाषा में प्रस्तुत करने का अनुभव है। मेरा उद्देश्य पाठकों तक सटीक, विश्वसनीय और उपयोगी जानकारी पहुँचाना है, ताकि वे नवीनतम अपडेट्स और ट्रेंड्स से हमेशा जुड़े रह सकें। डिजिटल मीडिया में गुणवत्तापूर्ण और तथ्यात्मक कंटेंट तैयार करना मेरी प्रमुख प्राथमिकता है।

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