NEET-UG 2026 परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक विवाद के बाद केंद्र सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रह्लाद जोशी को सौंप दिया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री रहे धर्मेंद्र प्रधान ने इस विवाद की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद सरकार ने शिक्षा मंत्रालय की कमान Pralhad Joshi को सौंपी है। यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब देश की प्रवेश परीक्षा प्रणाली को लेकर छात्रों, अभिभावकों और शिक्षा विशेषज्ञों की नजरें केंद्र सरकार पर टिकी हुई हैं।
आने वाले समय में शिक्षा मंत्रालय के सामने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के प्रभावी क्रियान्वयन और छात्रों का भरोसा दोबारा मजबूत करने जैसी कई महत्वपूर्ण चुनौतियां होंगी।
| विषय | जानकारी |
|---|---|
| पूर्व शिक्षा मंत्री | धर्मेंद्र प्रधान |
| इस्तीफे का कारण | NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद की नैतिक जिम्मेदारी |
| नए प्रभारी | प्रह्लाद जोशी |
| वर्तमान अतिरिक्त मंत्रालय | उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा |
| मुख्य चुनौती | परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और छात्रों का भरोसा बहाल करना |
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रह्लाद जोशी को मिली नई जिम्मेदारी
धर्मेंद्र प्रधान ने NEET-UG 2026 परीक्षा में कथित प्रश्नपत्र लीक विवाद की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दिया। इसके बाद केंद्र सरकार ने अनुभवी भाजपा नेता प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा। नई जिम्मेदारी संभालने के बाद प्रह्लाद जोशी ने कहा कि वह इस दायित्व को पूरी कर्तव्यनिष्ठा और विनम्रता के साथ निभाएंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले वर्षों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति सहित कई महत्वपूर्ण सुधारों पर काम हुआ है और वह इन्हें आगे बढ़ाने का पूरा प्रयास करेंगे।
Pralhad Joshi Education Minister बनने के बाद क्या बोले?

कार्यभार संभालने के तुरंत बाद Pralhad Joshi ने कहा कि शिक्षा देश के भविष्य की सबसे महत्वपूर्ण आधारशिला है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में वह शिक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए पूरी क्षमता से कार्य करेंगे। उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल की भी सराहना करते हुए कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति और शिक्षा सुधारों की दिशा में महत्वपूर्ण काम हुआ है, जिसे आगे बढ़ाना उनकी प्राथमिकता होगी।
प्रह्लाद जोशी की शैक्षणिक योग्यता
प्रह्लाद जोशी का जन्म 27 नवंबर 1962 को कर्नाटक के बीजापुर में हुआ था। उनकी प्रारंभिक शिक्षा हुबली के रेलवे स्कूल में हुई। इसके बाद उन्होंने न्यू इंग्लिश स्कूल से माध्यमिक शिक्षा पूरी की। उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने हुबली स्थित श्री कदाससिद्धेश्वर आर्ट्स कॉलेज से स्नातक की डिग्री प्राप्त की। राजनीति में सक्रिय होने से पहले वह व्यवसाय से जुड़े रहे और बाद में भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख नेताओं में शामिल हो गए।
राजनीतिक सफर और अनुभव
Pralhad Joshi कर्नाटक के धारवाड़ लोकसभा क्षेत्र से लगातार पांच बार सांसद चुने जा चुके हैं। वर्ष 2004 से वह इस सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार में कई अहम जिम्मेदारियां निभाई हैं। 2019 से 2024 के बीच उन्होंने संसदीय कार्य, कोयला और खान मंत्रालय का नेतृत्व किया। 2024 के बाद उन्हें उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई।
नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री के रूप में उन्होंने राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, पीएम-कुसुम जैसी कई महत्वपूर्ण योजनाओं की निगरानी की।
शिक्षा मंत्रालय के सामने सबसे बड़ी चुनौतियां

Pralhad Joshi के सामने सबसे बड़ी जिम्मेदारी देश की परीक्षा प्रणाली में छात्रों का भरोसा दोबारा स्थापित करना होगी। NEET-UG 2026 विवाद के बाद सरकार पहले ही कई बड़े सुधारों की घोषणा कर चुकी है। इनमें प्रमुख रूप से राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) का पुनर्गठन, प्रश्नपत्र लीक रोकने के लिए सख्त सुरक्षा व्यवस्था और वर्ष 2027 से NEET परीक्षा को कंप्यूटर आधारित बनाने की योजना शामिल है।
इसके अलावा राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के प्रभावी क्रियान्वयन और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करना भी उनकी प्राथमिकताओं में रहेगा।
अमित शाह का बयान भी आया सामने
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भाजपा के कार्यकर्ताओं के लिए पद से अधिक देश महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान के फैसले की सराहना करते हुए मोदी सरकार की कार्यशैली की प्रशंसा की। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार और अमित शाह पर सवाल उठाए।
प्रह्लाद जोशी को ऐसे समय में शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी मिली है जब देश की परीक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। उनके अनुभव और प्रशासनिक क्षमता की अग्निपरीक्षा आने वाले महीनों में होगी। यदि सरकार घोषित शिक्षा सुधारों को प्रभावी ढंग से लागू करने में सफल रहती है, तो इससे छात्रों का भरोसा मजबूत हो सकता है और देश की प्रवेश परीक्षा प्रणाली अधिक पारदर्शी बन सकती है।
FAQ
1. Pralhad Joshi Education Minister क्यों बने?
धर्मेंद्र प्रधान के NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने के बाद Pralhad Joshi को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया।
2. Pralhad Joshi वर्तमान में कौन-कौन से मंत्रालय संभाल रहे हैं?
वह शिक्षा मंत्रालय के अतिरिक्त उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय का कार्यभार भी संभाल रहे हैं।
3. Pralhad Joshi की शैक्षणिक योग्यता क्या है?
उन्होंने हुबली स्थित श्री कदाससिद्धेश्वर आर्ट्स कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है।
4. शिक्षा मंत्रालय के सामने सबसे बड़ी चुनौती क्या है?
परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाना, NTA में सुधार लागू करना, प्रश्नपत्र लीक रोकना और छात्रों का विश्वास बहाल करना सबसे बड़ी चुनौतियां हैं।
5. सरकार ने NEET परीक्षा में कौन-कौन से सुधारों की घोषणा की है?
सरकार ने NTA के पुनर्गठन, पेपर लीक रोकने के लिए सख्त सुरक्षा उपाय और 2027 से NEET को कंप्यूटर आधारित परीक्षा के रूप में आयोजित करने जैसी योजनाओं की घोषणा की है।











